जमशेदपुर, जून 18 -- जमशेदपुर। सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) ने नई दिल्ली की कंपनी आरटूई ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों के पुनर्चक्रण की स्वदेशी तकनीक के हस्तांतरण व व्यावसायीकरण के लिए गुरुवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।समझौते पर एनएमएल निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी और कंपनी अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए।यह तकनीक बैटरियों से लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, मैंगनीज, कॉपर और ग्रेफाइट जैसी मूल्यवान धातुओं को रिकवर करेगी, जिससे बैटरी कचरा प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा और देश की आयात निर्भरता कम होगी। 2035 तक भारत में 20 लाख टन बैटरी कचरा उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए यह साझेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह भी पढ़ें- एनएमएल ने सर्क्युअर प्राइवेट लिमिटेड के साथ ...