वाराणसी, फरवरी 2 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। राष्ट्र के भविष्य के लिए सबसे बुनियादी पाठ्यक्रम केवल डिग्रियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। युवाओं के लिए तीन मूल स्तंभ अनिवार्य हैं स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ दृष्टिकोण। ये बातें लंदन की कंपनी इंटरनेशनल मेटलर्जिकल रिसोर्सेस के निदेशक एवं मिर्जापुर के मूल निवासी अनिरुद्ध मिश्रा ने कहीं। वह बीएलएफ के चौथे संस्करण के अंतिम दिन रविवार को 'यूथ शेपिंग नेशन इन एन एआई-पावर्ड वर्ल्ड' विषयक पैलन चर्चा में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में यह देखा गया है कि सफलता केवल सपने देखने से नहीं, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारने की क्षमता से मिलती है। असफलता जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती है। जैसे जीवन के किसी भी पड़ाव पर मां के हाथ का भोजन सबसे विश्वसनीय होता है। वैसे ही मूल्य और अनुशासन कभी नहीं बदलत...
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