नई दिल्ली, जून 7 -- नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने लिगेयर एविएशन लिमिटेड के खिलाफ शुरू की गई दिवाला कार्यवाही को रद्द कर दिया है। न्यायाधिकरण ने कहा कि यह मामला किसी वास्तविक वित्तीय ऋण का नहीं, बल्कि धन के केवल इधर-उधर स्थानांतरण का है। एनसीएलएटी ने अपने आदेश में कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की याचिका स्वीकार करते समय लेन-देन की वास्तविक प्रकृति की पर्याप्त जांच नहीं की। रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि लिगेयर एविएशन को ऐसा कोई वास्तविक वित्तीय ऋण नहीं दिया गया था, जिसे आईबीसी के तहत 'वित्तीय ऋण' माना जा सके। यह भी पढ़ें- लिगेयर एविएशन के खिलाफ दिवाला मामला खारिज

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