लखनऊ, मार्च 24 -- बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने लावारिस हाल में भर्ती कराए गए 60 वर्षीय रिक्शा चालक को नई जिंदगी मिली है। मरीज को 20 जनवरी 2026 को अत्यंत गंभीर अवस्था में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व उसकी आंतों का ऑपरेशन हुआ था, जिसमें पेट के बाहर स्टोमा (बैग) बनाकर मल त्याग की व्यवस्था की गई थी। आर्थिक तंगी के कारण मरीज ने स्टोमा को बंद नहीं कराया, जिससे पेट में गंभीर संक्रमण और घाव हो गया। सर्जरी विभाग के डॉ. एसआर समद्दर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की अनुमति के बाद बुजुर्ग मरीज का सफल ऑपरेशन कर आंतों को दोबारा जोड़ा गया। बैग हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से बैग लगा होने के कारण आंतों में संक्रमण हो गया था। आंत के कुछ हिस्से में सड़न हो गई थी। रुकावट की वजह से पेट फूल गया ...