रांची, फरवरी 5 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड आंदोलन के प्रखर वैचारिक स्तंभ, राजनीतिज्ञ और कालजयी साहित्यकार स्व. लाल रणविजय नाथ शाहदेव की जयंती गुरुवार को डीएसपीएमयू के सभागार में मनाई गई। कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शाहदेव जी का सबसे बड़ा योगदान राज्य का नामकरण है। विश्वविद्यालयों में उनके योगदान पर और भी अनुसंधान होने चाहिए। समन्वयक विनोद कुमार ने कहा कि उनकी स्मृतियां आज भी नागपुरी साहित्य में जीवित हैं। पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने कहा कि शाहदेव जी के गीतों में शोषण के विरुद्ध जो तड़प थी, उसी ने जन-आंदोलन को ऊर्जा दी। पद्मश्री महाबीर नायक ने उनके सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नागपुरी कला संगम के माध्यम से उन्होंने लोक कलाकारों को जो मंच दिया, वह आज भी हमारी धरोहर है। कार्यक्रम में डॉ. संजय कुमार षाडंगी...