अलीगढ़, जून 17 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण सुधारने और यात्रियों को कम दूरी के सफर में 'शीतल अहसास' देने के लिए ताला नगरी को 30 नई अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक (ई-बस) बसों का चमचमाती सौगात तो दे दी, लेकिन अफसरों की सुस्त रफ्तार ने इस सौगात को मसूदाबाद बस स्टैंड का 'शोपीस' बना दिया है। मसूदाबाद स्टैंड पर खड़ी-खड़ी इन बसों पर बीते करीब 60 दिनों से धूल की मोटी परत जम रही है। वजह सिर्फ इतनी है कि करोड़ों रुपये की इन हाईटेक बसों को सड़कों पर दौड़ने के लिए विभाग की 'सरकारी फाइलों वाली हरी झंडी' यानी अनापत्ति प्रमाणपत्र ही नहीं मिल सका है。

पर्यटन विभाग का डेटा अलीगढ़ परिवहन विभाग के विभागीय डेटा और यात्री सर्वे के अनुसार, अलीगढ़ के मुख्य बस स्टैंडों (मसूदाबाद और सारसौल) से आगरा, मथुरा, वृंदावन और बुलंदशहर जैसे कम दूरी ...