हाजीपुर, अगस्त 28 -- लालगंज में नारायणी नदी के बसंता महादेव घाट पर सृष्टि का आदि पर्व श्रावणी उपाकर्म श्रद्धा प्रेम के साथ मनाया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संकल्प, प्रायश्चित, दस विध स्नान, सप्तर्षियों सहित देव, पितर का पूजन, तर्पण, हवन किया। यज्ञोपवीत के नौ तंतुओं का पूजन कर नया यज्ञोपवीत धारण कर रक्षा सूत्र बांधा। यह भी पढ़ें- गंगा-यमुना में डुबकी लगाकर धारण किए गए जनेऊश्रावणी उपाकर्म का महत्व इस मौके पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय धर्मसंघ के प्रांतीय अध्यक्ष पंडित रमाशंकर शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म में चार वर्ण हैं। शास्त्रों ने चार वर्णों के लिए मुख्य रूप से चार पर्वों की व्यवस्था दी है। श्रावणी उपाकर्म ब्राह्मण वर्ण का मुख्य पर्व है। विजयादशमी क्षत्रियो का,दिवाली वैश्यों का,होली शूद्रों का मुख्य पर्व है। य...