संतकबीरनगर, अप्रैल 28 -- बघौली, हिन्दुस्तान संवाद। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पोर्टल से लाभार्थियों के नाम गायब होने के मामले ने अब प्रशासनिक व्यवस्था और चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बघौली ब्लाक क्षेत्र में लाभार्थियों का नाम सूची से हटने की बात सामने आने के बाद यह मुद्दा सिर्फ ग्रामीण असंतोष तक सीमित नहीं रहा। अब पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जिन लाभार्थियों का पहले हुआ चयन, वे अचानक अपात्र कैसे हो गए।बघौली ब्लाक क्षेत्र में लोगों की बात माने तो अब यह सवाल उठ रहा है कि जिन लाभार्थियों का चयन पहले किया गया था, वे अचानक अपात्र कैसे हो गए? क्या यह महज तकनीकी त्रुटि है या फिर चयन प्रक्रिया में पहले से ही खामियां थीं? ग्रामीणों का आरोप है कि कई पात्र लोगों के नाम...
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