वाराणसी, अप्रैल 19 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। लिवर में सूजन (फैटी लिवर) के मामले में लापरवाही जानलेवा हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक दिक्कत महसूस होने पर लोग लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) कराते हैं। रिपोर्ट नार्मल आने के बाद वे बेपरवाह हो जाते हैं। खानपान और रहन-सहन में नियमित नहीं रहते हैं। नतीजा, करीब 10 फीसदी लोग लिवर सिरोसिस के शिकार हो जाते हैं। बीएचयू में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. देवेश यादव ने बताया कि पिछले साल 1.26 लाख लोगों ने उनसे मेडिकल सलाह ली। उनमें 42,345 लोग लिवर में सूजन (फैटी लिवर) की शिकायत वाले थे। करीब एक तिहाई मरीजों की एलएफटी रिपोर्ट सामान्य रही। यह भी पढ़ें- लिवर के हमारे शरीर में भूमिका का चिकित्सक ने बताया महत्व फाइब्रोस्कैन टेस्ट में पता चला कि उनके लिवर में चर्बी जम रहा है। चूंकि शुरुआती दौर नुकस...
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