धनबाद, नवम्बर 15 -- धनबाद, अमित रंजन पिछले महीने चाइबासा में संक्रमित रक्त चढ़ाने से पांच बच्चों में एचआईवी संक्रमण फैलने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। एचआईवी को लेकर अस्पताल प्रबंधकों को पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया था, लेकिन धनबाद में वही पुरानी बेपरवाही की तस्वीर सामने आ रही है। यहां एक एचआईवी संक्रमित मां से जन्मे मासूम को जन्म के तुरंत बाद संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक दवाएं नहीं दी गईं। इससे उसका भविष्य खतरे में पड़ गया है। दो महीने पहले धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चे का जन्म हुआ था। डॉक्टरों के अनुसार प्रसूता का वायरल लोड एक हजार से अधिक था। ऐसी स्थिति में नवजात को तुरंत जिडोवुडिन (एजेडटी) और नेविरापीन (एनवीपी) दोनों दवाएं देना अनिवार्य है। यह संक्रमण रोकने की प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जात...
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