लातेहार, मार्च 26 -- लातेहार, प्रतिनिधि। जिले में मार्च के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे पेयजल संकट की स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही बोतलबंद पानी और सप्लाई जल की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। जिले के महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र के चापीपाठ, चोरमुंडा, ओरसापाठ, सुरकुई, नेतरहाट के बटुआ टोली सहित मिशन रोड, पॉलिटेक्निक रोड, डेमू, धनकारा, नामुदाग, मनिका, बिशुनबांध आदि इलाकों में जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसके अलावा खीराखाड़,चकला, कामता, बनहर्दी, डुमरो और लाभर क्षेत्रों में जलस्तर 10 से 15 फीट तक नीचे चला गया है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर मार्च के अंत...