दुमका, अप्रैल 4 -- मसलिया, प्रतिनिधि। मसलिया प्रखंड के अंतर्गत लताबड़ गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को बृंदावन के कथा वाचिका देवी गौर प्रिय ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं के साथ नामकरण, गोवर्धन पूजा का अद्भुत वर्णन किया। कथा वाचिका ने बताया कि पूतना राक्षसी का वध बाल कृष्ण की पहली प्रमुख लीला है, जिसमें बाल कृष्ण ने कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना का वध कर उसे मोक्ष प्रदान किया।आगे बताया की श्री कृष्ण का नामकरण संस्कार गोकुल में गर्गाचार्य द्वारा नंदराज के घर के गोशाला में किया गया था। कंस के गुप्तचरों के डर से, यह अनुष्ठान बाहरी लोगों से छिपाकर संपन्न हुआ, जिसमें गर्गाचार्य ने कृष्ण और बलराम का नामकरण किया और उनके भविष्य के दिव्य कार्यों की भविष्यवाणी की। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला...