गोंडा, मार्च 29 -- गोण्डा। मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध बाबू ईश्वर शरण अस्पताल में लाखों की कीमत से बने माडुलर किचेन में ताला लटक रहा है। स्थिति यह है कि निष्प्रयोज्य प्राइवेट वार्ड के एक कमरे में मरीजों का खाना बनाया जा रहा है। बताया जाता है कि हल्की सी बारिश में ही इस किचेन व परिसर में पानी भर जाता है, जिसके कारण उसमें खाना बन पाना संभव नहीं हो पा रहा है । अस्पताल प्रशासन द्वारा पहले मौजूद किचेन को और आधुनिक सुविधाओं से लैस कराया गया था, ताकि मरीजों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके। इस किचेन में आधा दर्जन चूल्हे बनाए गए थे । रसोई घर में गर्मी बाहर निकालने के लिए कई पंखें भी लगाए गए थे । धुंआ निकलने के लिए छत को काटकर चिमनी भी बनाई गई थी । इसके साथ ही गैस के लिए पाइप लाइन भी बिछाने का काम होना था लेकिन वह पूरा नहीं हो पाया ...