लाइन हानियां घटीं तो बिजली निजीकरण पर उठे सवाल
लखनऊ, सितम्बर 7 -- प्रदेश में बिजली व्यवस्था में लाइन लॉस के आंकड़ों में खासा सुधार हुआ है। प्रदेश में वितरण हानि 20.63 प्रतिशत से घटकर 13.04 प्रतिशत और एटीएंडसी हानि 31.19 फीसदी से घटकर 17.83 फीसदी हो गई है। आंकड़ों में हुए इस सुधार पर उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि आंकड़ों ने परिषद की उस बात पर मुहर लगा दी है कि बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए निजीकरण की कोई अनिवार्यता नहीं है। उन्होंने 42 जिलों में निजीकरण की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है。
बिजली निगमों में सुधार अवधेश वर्मा ने कहा कि बिना निजीकरण के भी सरकारी बिजली निगमों में प्रभावी सुधार किया जा सकता है। हाई लॉस फीडरों पर कार्रवाई, फीडर स्तर पर मॉनिटरिंग, बिजली चोरी पर अंकुश और राजस्व वसूली में सुधार इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उपभोक्ताओं क...
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