लहू की दरकार..सिर्फ दो दिन का ही बचा ब्लड
फर्रुखाबाद कन्नौज, जून 2 -- फर्रुखाबाद। आसमान से बरसती आग सिर्फ शरीर को नहीं झुलसा रही, बल्कि लोहिया अस्पताल की जीवनदायिनी व्यवस्था का खून भी सुखा रही है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक पर दबाव इस कदर बढ़ गया है कि वह खुद 'वेंटीलेटर' पर आने की कगार पर है। चौंकाने वाली हकीकत यह है कि जिस ब्लड बैंक की क्षमता 1200 यूनिट की है, वहां आज की तारीख में महज 37 यूनिट खून का कतरा बचा है। हर दिन 15 से 20 यूनिट की लगातार हो रही खपत ने स्वास्थ्य महकमे के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अगर सामाजिक संस्थाएं और स्वैच्छिक रक्तदाता फौरन 'फर्स्ट एड' बनकर आगे नहीं आए, तो आने वाले दिनों में मरीजों की सांसों पर संकट का गहराना तय है।हर दिन 15 से 20 यूनिट की लगातार हो रही खपत ने स्वास्थ्य महकमे के माथे पर चिंता की लकीरें खीं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.