नई दिल्ली, मार्च 28 -- तेलंगाना में एक दंपति पिछले 23 वर्षों से अपने दिवंगत बेटे की शादी का अनुष्ठान हर साल मनाते आ रहे हैं। वर्ष 2003 में बेटे राम कोटी ने प्रेम विवाह का विरोध होने पर आत्महत्या कर ली थी। कुछ दिनों बाद उनकी प्रेमिका ने भी सुसाइड कर ली, जिससे दोनों परिवार सदमे में चले गए। इस दुखद घटना के बाद दंपति लालू और सुक्कम्मा खुद को माफ नहीं कर पाए। एक दिन सपने में बेटे ने मां से मंदिर बनाने और अपनी शादी कराने की इच्छा जताई। इसके बाद दंपति ने घर में छोटा सा मंदिर बनाया और दोनों की मूर्तियां स्थापित कीं। यह भी पढ़ें- सामने बैठे सांप को भी देखना मुश्किल, भारत में पहली बार मिले ये दो कीलबैक स्नेक शादी का अनुष्ठान रामनवमी के दिन किया जाता है, जिसमें पूजा, भोग और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन होता है। शुरू में यह व्यक्तिगत श्रद्धांजलि थी,...