मेरठ, सितम्बर 14 -- गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर भगवान श्री गणेश के नए-नए अवतार की मूर्तियां खरीदारों को काफी पसंद आ रही है। यह सभी इको फ्रेंडली मूर्तियां (पर्यावरण के अनुकूल) तैयार की जा रही हैं, जिससे जब आप इन्हें जल में समाहित करें, तो जलीय जीवों को भी नुकसान ना हो। मेरठ में हाथ से तैयार इको-फ्रेंडली गणेश जी की मूर्तियां लेह-लद्दाख तक डिमांड में रही। थापरनगर इलाके से गणेशजी की मूर्तियां वहां भेजी गई हैं। मेरठ में चार इंच से 40 फीट तक की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई। अधिकांश मूर्तिययों का तीन महीने पहले ही ऑर्डर मिल जाता है। ये मूर्तियां पूरी तरह हाथ से और इको-फ्रेंडली सामग्री से बनाई जाती हैं। यह भी पढ़ें- Kannauj News: आज से गूंजेगा 'गणपति बप्पा मोरया', जिले में 130 स्थानों पर सजेगा गणेश दरबार बाजार में सामान्य मूर्तियां 250 रुपये से 10...