नई दिल्ली, मार्च 18 -- ऋतु सारस्वत,समाजशास्त्री पश्चिम एशिया में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों से छिड़ी जंग ने पूरे क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति को अस्थिर कर दिया है। युद्ध और सैन्यवाद को समाज में महिमामंडित करने के लिए युद्ध-वीरों की परेड और स्मारकों जैसी परंपराएं विकसित की गई हैं। किंतु बहुत कम लोगों ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया है कि आधुनिक युद्धों में सबसे अधिक हानि सैनिकों की नहीं, नागरिकों की होती है, और उससे भी कम लोग यह स्वीकार करते हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां युद्ध से प्रभावित होती हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त की जून 2025 में जारी रिपोर्ट 'ग्लोबल ट्रेंड्स: फोर्स्ड डिस्प्लेसमेंट इन 2024' संकेत देती है कि समकालीन विश्व में जंग और हिंसा महज सीमाओं के प्रश्न नहीं हैं, बल्कि वे एक गहरे मानवीय संकट का रूप...