सोनभद्र, जनवरी 3 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने शनिवार को आरोप लगाया है कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन तय मानक के विपरीत 45 प्रतिशत तक संविदा कर्मियों की छटनी कर रहा है। आगाह किया कि इतने बड़े पैमाने पर अनुभवी संविदा कर्मियों को हटाए जाने से प्रदेश की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा सकती है। समिति का आरोप है कि छटनी की यह प्रक्रिया अक्टूबर 2024 से ही शुरू कर दी गई। निजीकरण प्रक्रिया के चलते अब तक लगभग 25 हजार संविदा कर्मियों को हटाया जा चुका है। संघर्ष समिति ने बताया कि संविदा कर्मियों की तैनाती हेतु मई 2017 में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने मानक तय कर दिया था। मानक के अनुसार शहरी क्षेत्र में एक विद्युत उपकेंद्र पर 36 संविदा कर्मी और ग्रामीण क्षेत्र में एक विद्युत उप केंद्र पर 20 संविदा कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। अब बिना...