गया, मार्च 18 -- दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के एक संगीन मामले में पांच साल बाद अदालत से ऐसा फैसला आया है, जिसने पुलिस जांच और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शेरघाटी की एडीजे-1 अदालत ने बुधवार को सबूतों के अभाव में सभी छह आरोपितों को बाइज्जत बरी कर दिया। एडीजे-1 लवकुश कुमार की अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।क्या है मामलामामला बाराचट्टी थानाक्षेत्र के पटिऔना गांव का है, जहां वर्ष 2021 में 22 वर्षीय विवाहिता रिंकी कुमारी की दहेज के लिए हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि शादी के तीन साल बाद ससुराल पक्ष ने दो लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर उसे जिंदा जला दिया।इस घटना को लेकर मृतका के पि...
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