सोनभद्र, अप्रैल 9 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने गुरुवार को आरोप लगाया है कि उड़ीसा में निजीकरण के बाद भी सरकार को ही भारी वित्तीय सहायता देनी पड़ी,है। निजीकरण का न तो सरकार को कोई वास्तविक लाभ है और न ही आम जनता को। कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पांचों विद्युत वितरण कंपनियों ने पिछले 09 वर्षों में लगातार ए टी एंड सी हानियों को कम किया है। यह एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है कि इस अवधि में राज्य में उपभोक्ताओं-विशेषकर किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं-पर कोई अतिरिक्त टैरिफ वृद्धि नहीं की गई। उल्टे किसानों के लिए मुफ्त बिजली जैसी जनहितकारी योजनाएं लागू की गई हैं, जो पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में संभव हुई हैं। इसे देखते हुए संघर्ष समिति ने मांग की है कि उड़ीसा की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उत्त...