भदोही, अप्रैल 29 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। अमेरिका-ईरान युद्ध पर विराम तो लगा लेकिन तनाव संग महंगाई पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। हर सामान महंगा होने से शादी एवं तिलकोत्सव में 15 से बीस फीसदी तक अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। अब तो डिस्पोजल वाले बर्तनों के दाम में भी मानों आग लग गई है। ऐसे में पुरानी पद्धति वाले पत्ते के पत्तल, दोना एवं मिट्टी का कुल्हड़, परई एवं लस्सी ग्लास की मांग बढ़ गई है। हर सामान महंगा होने से हर वर्ग की चिंता बढ़ती जा रही है। महंगाई पड़ने से लोग लगन में कर्ज की बोझ तले दबने लगे हैं। मर्यादा बचाने को तमाम ऐसे लोग हैं जो बैंग एवं निजी लोगों से ब्याज पर पैसा ले रहे हैं। युद्ध तो पंद्रह दिन पूर्व ही थम गया था लेकिन महंगाई और तनाव पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। डिस्पोजल वाले बर्तन की बिक्री करने वाले व्यापारियों की माने तो दो गुन...