लखीसराय, मई 1 -- लखीसराय, एक प्रतिनिधि। जिले में मजदूरों के अधिकारों और कल्याण को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हाल के वर्षों में सरकार द्वारा मजदूरों के लिए कई योजनाएं और प्रावधान लागू किए गए हैं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी तय करना, कार्यस्थल पर सुविधाओं में सुधार, श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और काम के घंटों का निर्धारण शामिल है। हालांकि, जमीनी स्तर पर इनका लाभ पूरी तरह मजदूरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। यह भी पढ़ें- श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 436 रूपया प्रतिदिनमजदूर नेता के आरोप लखीसराय में इसकी स्थिति पर मजदूर नेता मोती शाह ने आरोप लगाया कि जिले के कई क्षेत्रों में मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है, जो उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कार्यों में मजदूरों की जगह जेसीबी मशीनों का उपयोग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.