भागलपुर, अप्रैल 8 -- चानन (लखीसराय) से प्रकाश मंडल की रिपोर्ट चांदन (लखीसाय)। पहाड़ी इलाके में बसे आदिवासी युवाओं में फुटबॉल के प्रति गजब का जनून सवार है। न कोई खेल मैदान और न ही बेहतर प्रशिक्षक, बावजूद फुटबॉल के प्रति दिवानगी अन्य युवाओं को प्रेरित कर रहा है। आदिवासी क्षेत्र जैसे ही नाम सामने आता है तो तस्वीर बनती है। खेत में काम करते किसान, पशुओं को चराते युवक और दूर दराज से पानी लेकर आती महिलाएं । लेकिन इस तस्वीर को कछुआ, वासकुंड, सतघरवा, गोवरदाहा, जगुआजोर के आदिवासी युवाओं ने बदल दी। यहां के युवाओं में फुटबॉल के प्रति ऐसा जोश चढ़ा है कि अब हर घर से युवक कोई दूसरा काम करे या न करे फुटबॉल जरूर खेलता है। ग्रामीण से लेकर जिला स्तर के टूर्नामेंट में भी दमखम दिखा चुके है।प्रशिक्षक की कमी से प्रतिभा हो रही कुंठित :आदिवासी युवा दुर्गा हेम्ब्रम,...