नई दिल्ली, मई 8 -- वर्ष 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की सुनवाई (ट्रायल) धीमी गति से होने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कड़ी नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए निचली अदालत को गवाहों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठाने और गवाह सुरक्षा योजना का भी पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले में आरोपी व पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह यह निर्देश दिया। आरोपी मिश्रा ने शीर्ष अदालत से अपनी जमानत शर्तों में ढील देने की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि घटना से जुड़े मुख्य मामले में 44 गवाहों का बयान दर्ज हो चुका है, जबकि 15 गवाहों को मुक्त कर दि...
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