प्रमुख संवाददाता, जनवरी 2 -- यूपी की राजधानी लखनऊ में स्मारकों के निर्माण के नाम पर हुए करीब 1400 करोड़ रुपये के महाघोटाले में वर्षों बाद अब कार्रवाई की आंच तेज हो गई है। वर्ष 2014 में विजिलेंस में दर्ज एफआईआर के आधार पर चल रही जांच में अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता पर सीधे तौर पर कार्रवाई की तैयारी है। कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने जांच तेज कर दी है। एलडीए सचिव को जांच से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।2007-2011 के बीच हुआ था घोटाला यह घोटाला वर्ष 2007 से 2011 के बीच तत्कालीन बसपा सरकार के दौरान लखनऊ और नोएडा में बनाए गए भव्य स्मारकों व उद्यानों से जुड़ा है। इसमें अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल, गौतम बुद्ध उपवन, कांशीराम ईको ग्रीन गार्डन, नोएडा का अं...
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