पीलीभीत, मार्च 10 -- पीलीभीत। हिटी ऊंचाइ से गिरने के कारण लकवाग्रस्त हुए 28 वर्षीय श्रमिक को मेडिकल कालेज में दूसरी जिंदगी मिली। लखनऊ में इलाज के बाद वापस पीलीभीत लौटे श्रमिक ने मडिकल कॉलेज में सेवाएं लीं। यहां उम्मीद की नई किरन मिली और अब वह अपनी जिंदगी में लौटने की तरफ बढ़ चला है। इससे परिजनों के चेहरे पर भी मुस्कान खिल उठी।बीतें दिनों हादसे के बाद मरीज की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी लखनऊ में की गई थी। सर्जरी के बाद उसे पैराप्लेजिया (शरीर के निचले हिस्से का लकवा) हो गया था। गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) के कारण उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद एम ने बताया कि 1920 के दशक से पहले स्पाइनल कॉर्ड इंजरी लगभग हमेशा घातक साबित होती थी, क्योंकि उस समय सेप्सिस और किडनी फेल्योर जैसी जटिलताओं को संभालने के लिए चिकित्सा विज्...