लखनऊ, जून 30 -- लखनऊ, संवाददाता। जैन समाज के लिए इस वर्ष का चातुर्मास विशेष महत्व का होगा, क्योंकि उपाध्याय 108 विहसंत सागर जी महाराज पूरे चार माह तक लखनऊ में विराजमान रहेंगे। उनके सानिध्य में श्रावक-श्राविकाओं को धर्मोपदेश, स्वाध्याय, साधना और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। चातुर्मास के दौरान श्रद्धालुओं को अपने नगर में ही मुनिराज के प्रवचन सुनने, धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनने और जैन धर्म के सिद्धांतों को निकट से समझने का अवसर प्राप्त होगा।इसी उद्देश्य से आगामी चातुर्मास के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए चातुर्मास समिति का गठन किया गया है। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि चातुर्मास के दौरान धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी। यह भी पढ़ें- July Festival List: गुप्त नवरात्रि से लेकर देवशयनी ए...