लखनऊ, अगस्त 31 -- उन्नाव के एनजीओ संचालक धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की बदले में शूटरों को 12 लाख रुपये, ड्राइवर को लखनऊ में एक मकान और दुकान देने की बात तय हुई थी। अपहरण के समय ड्राइवर रवि और दिलीप साथ में थे। दोनों जब धीरेंद्र को लेकर कार से निकले। इसके बाद रवि ने लाइव लोकेशन भेजकर दोनों शूटरों को बुलाया था। शूटरों के पहुंचने पर धीरेंद्र की हत्या की गई। विरोध पर उसकी आंखों में मिर्च पाउडर भी डाला गया था। पुलिस, ड्राइवर रवि तिवारी और दिलीप से पूछताछ कर पुलिस हत्या के सूत्रधार के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने फार्च्यूनर कार बरामद कर ली है। वारदात में प्रयुक्त असलहा अभी पुलिस को नहीं मिला है।रवि ने धीरेंद्र के मोबाइल से खुद और गनर को भेजा था मैसेज पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि वारदात के बाद ड्राइवर रवि ने धीरेंद्र के मोबाइल ...