लखनऊ, अगस्त 16 -- लखनऊ और कानपुर के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड नमो भारत आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के सर्वे और विस्तृत अध्ययन की राह में आ रही वित्तीय अड़चन दूर हो गई है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का खर्च लखनऊ विकास प्राधिकरण, कानपुर विकास प्राधिकरण और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे। शासन के निर्देश पर इस अध्ययन का कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया है। दस्तावेजों के अनुसार एएआर और डीपीआर तैयार करने पर 6.03 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस राशि को तीनों विकास प्राधिकरण समानुपातिक रूप से साझा करेंगे, जिससे परियोजना की प्रारंभिक प्रक्रिया में धन की कमी की समस्या समाप्त हो जाएग...