लखनऊ, अप्रैल 17 -- लखनऊ के टेढ़ी पुलिया इलाके में सीतापुर बाईपास के ठीक किनारे बुधवार को जहां सैकड़ों परिवार आबाद थे, वहीं गुरुवार को खाली मैदान दिखा। मौके पर सिर्फ झोपड़ियों की चौहद्दी, जले कपड़े, अनाज, बर्तन, लोहे के बक्से, टीवी, फ्रिज, कूलर का मलबा था। लोग इस उम्मीद में गुरुवार को पहुंचे थे कि शायद कुछ बच गया हो। जले बक्सों में वर्षों की गाढ़ी कमाई लोग इस उम्मीद में खोज रहे थे कि आग में शायद कुछ बच गया हो। बच्चों के खिलौने, बस्ते जल गए तो बड़ों के अपने घर का सपना भी स्वाहा हो गया। राख के ढेर और मलबे के बीच सबको एक उम्मीद की तलाश थी। बच्चे अपने खिलौने ढूंढते दिखे तो वहीं महिलाएं और लोग अपनी पुरानी निशानियां।बच्चों की छिनी मुस्कान अग्निकाण्ड में बस्ती के बच्चों के बस्तों में रखी हजारों रुपये की किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म जलकर गईं। गुर...
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