आजमगढ़, जनवरी 10 -- आजमगढ़, संवाददाता। जिला एकीकरण समिति एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को आधुनिक हिंदी नाटक के जनक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र की 123वीं जयंती का आयोजन किया गया। नगर पालिका तिराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर लोगों ने माल्यार्पण किया। इस मौके पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि आजमगढ़ ऋषि-मुनियों और साहित्यकारों की धरती है। हिंदी नाटक के जनक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र का विश्वस्तरीय काव्य, कालजयी नाटक एवं कहानी के साथ-साथ एकांकी पर मानो एकाधिकार रहा। उनके नाटक सिंदूर की होली, रासक्ष का मंदिर, सन्यासी समेत लगभग 100 एकांकी नाटक साहित्य तत्कालीन भ्रष्ट व्यवस्था का जीवंत उदाहरण थे। 8 अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में भी इस कलमकार ने न सिर्फ लेखनी को...
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