लक्ष्मी को बदलना था अपना नाम, अदालत पहुंच गया पिता; वजह जान क्या बोला हाईकोर्ट?
नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- अगर आप भी ज्योतिषी या न्यूमरोलॉजी के हिसाब से अपने नाम को बदलना चाहते हैं लेकिन कानून इसके आड़े आ रहा है, तो तह खबर आपके लिए काम की हो सकती है। हाल ही में इस मामले पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि भारत में हर नागरिक को अपने पसंदीदा नाम से पहचाने जाने का नागरिक अधिकार है। इस मामले पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस हंचाते संजीवकुमार की एकल पीठ ने सिविल कोर्ट के आदेश को पलट दिया। इससे पहले निचली अदालत ने एक नाबालिग लड़की को उसका नाम बदलने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को उसके पसंद के नाम से पहचाना जाया जाना चाहिए। कोर्ट ने फैसले में कहा, "अपने नाम से पहचाना जाना भारत के प्रत्येक नागरिक का एक नागरिक अधिकार है।" हाईकोर्ट ने यह भी ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.