वाराणसी, दिसम्बर 27 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वैज्ञानियों ने मुंह के कैंसर को वर्गीकृत किया है। इस वर्गीकरण से मुंह के कैंसर से होने वाली मौतों में कमी आएगी। साथ ही मरीज को साइड इफेक्ट से बचाने के लिए पर्सनलाइज्ड (लक्षित) थेरेपी का उपयोग किया जाएगा। इससे सीधे कैंसर की कोशिकाओं को टारगेट कर सकेंगे। इस उपचार में मरीज को कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी से होने वाले साइड इफेक्ट से बचाया जा सकेगा। दुनिया भर में इसे एक नई उम्मीद की तरह देखा जा रहा है। इस शोध का प्रकाशन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल म्यूटेशन रिसर्च/रिव्यूज इन म्यूटेशन रिसर्च में हुआ है। आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रो. मनोज पांडेय के नेतृत्व में यह शोध किया गया है। प्रो. पांडेय ने कहा कि आठ हजार से अधिक वैज्ञानिक लेखों और ...
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