सीवान, मार्च 26 -- सीवान, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावे धरातल पर युद्ध की तपिश के चलते गैस की किल्लत के कारण धुंआ होते नजर आ रहे हैं। वर्तमान में जिले के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी कॉलेजों के हॉस्टलों में ईंधन का संकट गहरा गया है। कमर्शियल गैस का वितरण ठप होने और घरेलू गैस के लिए आवश्यक कनेक्शन की तकनीकी बाधाओं ने छात्र-छात्राओं की थाली पर संकट खड़ा कर दिया है। बुधवार को हिन्दुस्तान टीम ने जब अलग-अलग इलाकों के कस्तूरबा गांधी विद्यालय व हॉस्टलों की पड़ताल की, तो स्थिति चिंताजनक मिली। कस्तूरबा विद्यालयों में जहां सैकड़ों बेटियां रहकर पढ़ाई करती हैं, वहां गैस चूल्हे ठंडे पड़े हैं। विकल्प के तौर पर लकड़ी और कोयले के चूल्हे का सहारा लिया जा रहा है। धुएं के बीच खा...