प्रयागराज, मार्च 23 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने सरकारी संस्थानों द्वारा नियमित नियुक्तियों को दरकिनार कर लंबे समय तक आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों से काम लेने की प्रवृत्ति को शोषण और अन्याय को बढ़ावा देने वाला बताया है। कोर्ट ने कहा कि जब किसी कर्मचारी से लंबे समय तक लगातार काम लिया जाता है और उसका कार्य विभाग के लिए आवश्यक व स्थायी प्रकृति का है तो उसे आउटसोर्सिंग के जरिए रखना शोषणकारी व्यवस्था का संकेत है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह की व्यवस्था से न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय होता है, बल्कि सरकार नियमित भर्ती प्रक्रिया को भी नजरअंदाज करती है। न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने इस टिप्पणी के साथ बरेली नगर निगम को 13 वर्षों से आउटसोर्स पर काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटर के नियमितीकरण पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिय...