प्रयागराज, अप्रैल 13 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि लंबी सेवा के बाद शिक्षकों को सिर्फ तकनीकी आधार बताकर सेवा समाप्त करना अनुचित है। कोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के कई आदेशों को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया और शिक्षकों को सभी लाभ देने का निर्देश दिया। कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने यह आदेश दिया। गौतमबुद्ध नगर स्थित राम सिंह विश्व चैतन्य कन्या जूनियर हाईस्कूल में वर्ष 2006 में दो सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। बाद में विद्यालय को अनुदान सूची में शामिल किया गया, लेकिन इन शिक्षकों को लंबे समय तक वेतन नहीं मिला। 2014 में शासनादेश के बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू हुई। 2018 में क्षेत्रीय अनुमोदन समिति ने नियुक्तियों को सही मानते हुए वेतन देने का आदेश दिया लेकिन बाद में 2...