रांची, मई 20 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल लंबित आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति के पासपोर्ट के नवीनीकरण या पुनः निर्गमन से इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर तब, जब मामला मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़ा हो और आरोपी के फरार होने की आशंका न हो। हाईकोर्ट ने डॉ प्रकाश सिंह की पासपोर्ट नवीकरण संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि कोर्ट प्रार्थी के खिलाफ दर्ज मामले कथित मेडिकल लापरवाही से संबंधित हैं और अब तक उनमें चार्जशीट भी दाखिल नहीं की गई है। साथ ही रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे यह प्रतीत हो कि प्रार्थी जांच से बचने, अदालत की प्रक्रिया की अवहेलना करने या देश छोड़कर भागने का प्रयास कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार प...