गिरडीह, जनवरी 1 -- रामचन्द्र/शुभम जमुआ। जमुआ प्रखंड मुख्यालय से सात किमी दूर देवघर मुख्य मार्ग के किनारे खरगडीहा स्थित लंगटा बाबा की समाधि पर सभी धर्म के लोगों की अटूट श्रद्धा है। यही वजह है कि प्रतिदिन हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के लोग यहां आकर माथा टेकते हैं। लेकिन प्रत्येक वर्ष पौष पूर्णिमा के दिन यहां भक्ति व आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ता है। विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु चादरपोशी करने यहां पहुंचते हैं। हिन्दू सुबह तो मुस्लिम समुदाय के लोग दोपहर बाद चारदपोशी करते रहे हैं। 1910 में ली थी महासमाधि कालजयी संत लंगेश्वरी बाबा उर्फ लंगटा बाबा ने वर्ष 1910 में महासमाधि में प्रवेश किया था। तब से लेकर अब तक बाबा के भक्तों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। लंगटा बाबा के खरगडीहा आगमन के बारे में कहा जाता है कि 1870 के दशक में नागा साधुओं...
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