लखीमपुरखीरी, मई 29 -- नकहा विकास खंड के ग्राम रौली में श्री वेदमाता गायत्री प्रज्ञा पीठ के वार्षिक पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ गुरुवार को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने सिर पर कलश रखकर मां शारदा नदी की नहर से पावन जल भरकर यात्रा में सहभागिता की। पूरे गांव में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं यज्ञाचार्य पं. राजेश दीक्षित ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश का विशेष महत्व है। वैदिक काल से ही शुभ अवसरों पर कलश स्थापना और पूजन की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि कलश संपूर्ण ब्रह्मांड का प्रतीक माना गया है और इसमें तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का निवास होता है। कलश...