अररिया, जून 11 -- भरगामा। निज संवाददाता खरीफ फसल की खेती करने के लिए रोहिणी नक्षत्र को किसानों के लिए काफी शुभ माना जाता है। इसी अवधि में धान का बिचड़ा गिराने की परंपरा रही है। लेकिन इस वर्ष रोहिणी नक्षत्र शुरू होने के साथ ही लगातार हो रही झमाझम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। लगातार बारिश के कारण खेतों में जलजमाव हो जाती थी। इससे किसान समय पर धान का बीज नहीं गिरा पा रहे थे। हालांकि पिछले एक सप्ताह से मौसम में बदलाव आया है और झमाझम बारिश का दौर थम गया है। इसके बाद प्रखंड के धान उत्पादक किसानों ने तेजी से खेतों की तैयारी कर धान का बीज गिराने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि रोहिणी नक्षत्र समाप्त होने में अब काम ही दिन शेष रह गए हैं। पुरानी मान्यता के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में बिचड़ा डालने से उपज अच्छी होती है। इसलिए मौसम साफ होते ही ...