जमुई, मई 27 -- झाझा । निज प्रतिनिधि रोहिणी नक्षत्र ने दस्तक दे दी है। आठ जून तक यह महत्वपूर्ण नक्षत्र रहेगा। रोहिणी से ही धान की खेती की विधिवत शुरुआत हो जाती है। किसान नर्सरी तैयार करने के लिए अपने-अपने खेतों की जुताई करने में जुट गए है। यह नक्षत्र आठ जून तक रहेगा। इस अवधि में नर्सरी तैयार करने से धान का उत्पादन बेहतर होगा। लंबी अवधि वाले धान के प्रवेश के बीच की बुवाई का रोशन नक्षत्र उपयुक्त समय माना जाता है किसान यह मानते हैं नाटा मंसूरी जैसे धान का बीज रोहिणी नक्षत्र डालने पर गेहूं भी समय से लग जाता है। धान और गेहूं दोनों फसल में उपज बेहतर होता है और किसानों को अच्छी आमदनी हो जाती है। सीजन की शुरुआत को लेकर किसान अभी से ही अपने कृषि उपकरणों को दुरुस्त करने में जुट गए है। मौसम का मिजाज अभी तक खरीफ फसल के लिए अनुकूल बनता दिख रहा है। इसे ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.