उरई, फरवरी 3 -- कोंच। इस्लामी कैलेंडर के शाबान माह की चौदहवीं शब यानी मंगलवार को निजात का पर्व शबे बरात अकीदत और एहतराम से मनाया गया। पैगंबरों, इमामों, पुरखों, बुजुर्गों की याद में घर और कब्रिस्तानों में मोमबत्तियां जलाकर चरागां किया गया। उनकी इबादत और आमाल में पूरी रात गुजारी गई। महिलाओं ने पूरी रात कुरानपाक की तिलावत की। घरों और कब्रिस्तानों के बाहर आतिशबाजी हुई। कब्रों पर मोमबत्तियां जलाने सहित उन्हें बिजली की झालरों से भी रोशन किया गया। 'शहरे खामोशां' में महफिले चरागां के बाद कुरानख्वानी, फातिहा की रस्में पूरी की गईं। मोमबत्तियों के साथ अगरबत्तियां भी जलाई गईं। पूरी रात इबादत में गुजारने के बाद तमाम मस्जिदों में सुबहे सादिक के वक्त खास आमाल भी मुकम्मल किया गया। इस दौरान सलामती, रोजी, बरकत, तरक्की आदि की दुआएं मांगी गईं। पर्व पर घरों म...
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