नई दिल्ली, नवम्बर 1 -- अलीगढ़ के बहुचर्चित रोरावर कांड में 22 साल बाद शनिवार को एसीजेएम 9 की अदालत में फैसला आ गया। अभियोजन आरोपों को साबित करने में विफल रहा और कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल सिंह, एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह के भाई नागेंद्र सिंह, भाजपा नेता परशुराम, विश्व हिंदू परिषद नेता सिद्धार्थ शामिल हैं। अभियोजन के मुताबिक, ये घटना आठ जनवरी साल 2003 की शाम छह बजे की है। डीएम के आदेश पर थाना देहलीगेट क्षेत्र में दोपहर तीन बजे से कर्फ्यू लगा था। लाउडस्पीकर और नगर नियंत्रण कक्ष के पीए सिस्टम से लगातार मुनादी कराई गई थी। इसी दौरान जीप से उस समय की सांसद शीला गौतम अपने सात समर्थकों के साथ कनवरीगंज उस्मानपाड़ा रोड तिराहे पर आईं। आरोप था कि उनके समर्थकों ने ...