फरीदाबाद, जनवरी 25 -- अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो.... जो कीजो तो ये घर न दीजो....फरीदाबाद में पली इस 4 साल की मासूम के लिए ये जीवन जैसे कांटों से भरा था। जिस पिता के लिए बेटियां सबसे प्यारी-दुलारी होती हैं, वही पिता अपनी इस फूल सी मासूम को रोने नहीं देता था। रोने पर चिढ़ता था, रोज पीटता था और एक दिन अपनी बेटी की जान ले बैठा। उस मासूम ने बचपन में ही पुलिस में जाने का सपना देखा था लेकिन इस दरिंदे ने उसके सपने को एक झटके में चकनाचूर कर दिया। फरीदाबाद के इस इलाके में रहने वाले लोग भी उस बच्ची की खूब तारीफ करते थे पर पिता ने ही अपनी संतान की बलि चढ़ाने की कसम खा ली थी तो फिर क्या ही कहा जाए। आइए आपको सारी कहानी तफ्शील से बताते हैं।पिता बना हत्यारा, रोने भी नहीं देता था घटना फरीदाबाद के झारसेतली की है। यहां 4 साल की मासूम वंशिका जायसवाल की उसके...
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