रोजो पर्व में ओड़िया संस्कृति और परंपरा का दिखा अनोखा संगम
चाईबासा, जून 15 -- गुवा,संवाददाता। गुवा एवं आसपास के क्षेत्रों में ओड़िया समाज का पारंपरिक लोक पर्व रोजो पूरे उत्साह, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के पहले दिन अहले सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं, युवतियों और बच्चों ने नए परिधान धारण कर पूजा-अर्चना की। घर-परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व के अवसर पर छोटी बच्चियां और कुंवारी कन्याएं हाथों में मेहंदी रचाकर पारंपरिक झूलों का आनंद लेती नजर आईं। गांवों और बस्तियों में जगह-जगह झूले लगाए गए, जहां युवतियों ने लोकगीत बनस्ते डाकिला गजो, बरषके थरे आसिछी रोजो गाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। यह भी पढ़ें- जेठ संक्रांति यानी रोजो पर्व के अवसर पर पारंपरिक छऊ नृत्य का आयोजन पूरे क्षेत्र में ओड़िया संस्कृति और परंपरा की अनूठी छटा देखने को मिली। रोज...
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