मिर्जापुर, मार्च 18 -- मिर्जापुर। ईद बाजार की रौनक सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सौहार्द को भी दर्शाती है। त्योहारी खुशी के बीच छोटे दुकानदारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वे सीमित पूंजी और अनिश्चित हालात के बीच उम्मीदों का संसार सजाते हैं, ताकि त्योहार उनके घर भी खुशियां ला सके। मगर उन्हें स्थान का अभाव, जाम, पार्किंग की कमी के बीच अपनी दुकान बचाने और ग्राहकों तक पहुंच बनाने की चुनौती झेलनी पड़ती है। वे नगरपालिका से उम्मीद रखते हैं कि रोजी-रोटी को भी एक सुरक्षित और सम्मानजनक जगह मिले। ईद नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सेवइयां, टोपी, इत्र, कपड़े-जूते आदि सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। इस रौनक के पीछे करीब 500 छोटे दुकानदारों की बड़ी समस्या छिपी हुई है। स्थायी जगह न होने के कारण उन्हें सड़कों और ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.