गुड़गांव, अप्रैल 8 -- गुरुग्राम,साक्षी रावत। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव की तपिश अब सीधे गुरुग्राम की रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस होने लगी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने और आयात महंगा पड़ने का असर मिलेनियम सिटी के हर सेक्टर पर दिख रहा है। घर का बजट हो, फर्नीचर और इंटीरियर का खर्च या फिर मकान बनाने की लागत, हर मोर्चे पर कीमतों में तेजी ने आम लोगों की आर्थिक योजना को झकझोर दिया है। मिडिल क्लास परिवार, जो पहले सीमित आय में संतुलन बनाकर चल रहे थे, अब बढ़ते खर्चों के बीच बचत तक छोड़ने को मजबूर हैं। वहीं, कारोबारियों के सामने भी दोहरी चुनौती है। एक तरफ बढ़ती लागत, दूसरी ओर घटती मांग। नतीजा यह है कि गुरुग्राम में महंगाई सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों की दिनचर्या, खरीदारी की आदतों और जीवनशैली पर सीधा ...
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