बेगुसराय, अप्रैल 8 -- बछवाड़ा, निज संवाददाता। इजरायल-ईरान युद्ध का असर अब प्रवासी मजदूरों की जिंदगी पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ने लगा है। परदेस में काम करने वाले बड़ी संख्या में मजदूर इन दिनों गांव लौट रहे हैं। गांव लौट कर आए मजदूरों के समक्ष अब रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न होने लगा है। परदेस से लौटे कई मजदूरों ने बताया कि रसोई गैस, डीजल व पेट्रोल की किल्लत के कारण उनके काम धंधे ठप हो गए। लिहाजा उन्हें गांव लौटना पड़ा है। रानी- एक पंचायत के नारेपुर धर्मपुर निवासी अमलेश कुमार दास व मुन्ना कुमार ने बताया कि वे चेन्नई में ठेला पर नाश्ते व खानपान की दुकान चलाते थे। पिछले माह अचानक उन्हें रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई। इस वजह से उनका धंधा बंद हो गया। गांव में भी उन्हें उनके लायक कोई काम धंधा नहीं मिल रहा है। पिछले कई दिनों से यूं घर पर बैठक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.