बगहा, मई 1 -- बेतिया,बेतिया प्रतिनिधि। स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था नहीं होने के कारण जिले के 40 फीसदी मजदूर पलायन को विवश हैं। रोजी रोजगार का साधन नहीं होने के कारण यहां के मजदूर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल आदि राज्यों में रोजी रोजगार की तलाश में पलायन करते हैं। यह भी पढ़ें- 15 दिन ही मिल रहे काम, रोजगार गारंटी योजना के लाभ का इंतजारस्थानीय जनसंख्या और उद्योग पश्चिम चंपारण जिले की 70 फ़ीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। जिले में लगभग 13 लाख के आसपास निबंधित मजदूर हैं। शुगर फैक्ट्री को छोड़ दिया जाए तो दूसरा कोई उद्योग धंधा यहां नहीं है। सालों भर मजदूरों को रोजगार नहीं मिलता है। मजदूर ललन राम, जाकिर मियां, सरोज बैठा, मुन्ना कुशवाहा ने बताया कि जिले में सालों भर कार्य नहीं मिलता है। साल में यहां 5 से 6 माह ही मजदूरी म...
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